Friday, August 20, 2010

यूही दिल आज फिर रोया अपने ही फ़ैसले पर


गोया जहाँ से चला था आज वही खड़ा हुआ है |



इतना लंबा रास्ता चुना है हमने अनजाने या जान बूझकर

सफर पर चलते कदम रुकते नही , इन्तेहा की हद्द हुई

2 comments:

  1. इतना लंबा रास्ता चुना है हमने अनजाने या जान बूझकर

    सफर पर चलते कदम रुकते नही , इन्तेहा की हद्द हुई
    ..chalna hi to jindagi hai...
    saarthak pankityan

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    Replies
    1. thank you mam
      agar ye post aap tk revive hua ho to pls mujhe FB pe comment karey mere ko abhi sahi se maalum nahi iske baare may

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